Indian Wedding Trends 2025 : भारतीय शादियों का बदलता स्वरूप…मानो बॉलीवुड की कोई फिल्म हो।

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भारतीय शादियां अब ऐसी लगती हैं, मानो बॉलीवुड की कोई फिल्म, प्रोड्यूस हो रही हो। (Indian Wedding Trends 2025) उतने ही इमोशन्स, उतनी ही धूमधाम और उतना ही प्रदर्शन। नतीज़ा- शादियों का बढ़ता खर्च। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के अनुसार 2025 में करीब 46 लाख शादियां होनी हैं और प्रत्येक शादी का औसत बजट 30 से 35 लाख रुपए तक पहुंच गया है। भारतीय शादियों में केवल खर्च ही नहीं बढ़ रहे, बीते सालों के दौरान और भी कई बदलाव हुए हैं। 

जानते हैं कि आखिर भारतीय शादियों में क्या कुछ बदल गया है या बदलाव के दौर में है :-

1. खर्चीली शादियां : आधा खर्च तो कैटरिंग-वैन्यू और उपहारों पर !

अगर विवाह समारोहों में खानपान को सादा बना दिया जाए और दहेज या उपहारों को सीमित कर दिया जाए तो हमारे यहां की “शादियों का खर्च आधा हो सकता है। ऐसा क्यों? वेडिंग वायर की रिपोर्ट के अनुसार यहां कैटरिंग व वैन्यू सर्विसेस में ही शादी के कुल खर्च का औसतन करीब 30 फीसदी और उपहारों (दहेज का सामान व आभूषण सहित) पर लगभग 19 फीसदी खर्च होता है। हालांकि कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (केट) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारतीय शादियों में सबसे ज्यादा खर्च आभूषणों पर होता है (कुल खर्च का करीब 15% )। साड़ियों-कपड़ों पर लगभग 10 फीसदी खर्च होता है। इसी का नतीजा है कि शादियां लगातार खर्चीली होती जा रही हैं। 

2. वेडिंग इंश्योरेंस (Wedding Insurance) : हर 10वीं शादी का आयोजन बीमा के साथ 

चूंकि शादियां खर्चीली हो रही हैं, इसलिए भारत में अब लोगों ने शादी आयोजनों का बीमा करवाना भी शुरू कर दिया है। बाजार बिजनेस टुडे के अनुसार इस समय करीब 10- से 12 कंपनियां वेडिंग इंश्योरेंस देती हैं। वेडिंग इंश्योरेंस प्रीमियम लगभग 0.5% से 2% के बीच होता है। यानी एक करोड़ की शादी का प्रीमियम केवल 50 हजार से 2 लाख रुपए ही होने की वजह से अब कई लोग इसे करवाने लगे हैं, ताकि आयोजन में व्यवधान आने पर कम से कम पैसों से उसकी भरपाई हो सके। एक सर्वे रिपोर्ट कहती है कि शहरों में करीब 10 फीसदी लोग वेडिंग इंश्योरेंस लेने लगे हैं। वेडिंग इंश्योरेंस ग्रोथ रिपोर्ट के मुताबिक भारत में वेडिंग इश्योरेंस बाजार में अगले पांच वर्षों में 15 से 20% वार्षिक वृद्धि की संभावना है। 

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3. वेडिंग लोन (Wedding Loan) : हर चौथा जोड़ा शादी के लिए लेना चाहता है कर्ज

एक दशक पहले तक भारत में अधिकांश शादियां स्वयं की जमा पूंजी या अपने परिचितों से लिए गए पैसों से होती थी। लेकिन अब शाादियों के लिए बैंकों द्वारा विशेष रूप से डिजाइन किए गए लोन लेने का ट्रेंड भी बढ़ता जा रहा है। इंडियालेंड्स के एक सर्वे के अनुसार 26 फीसदी दूल्हे और दुल्हन अब अपने शादी समारोह के खर्च के एक हिस्से के तौर पर वेडिंग लोन लेने पर विचार करने लगे हैं। हालांकि विशेषज्ञ इसको लेकर आगाह भी करते हैं। उनके मुताबिक एक-दो दिन की शादी पर किए गए भारी-भरकम खर्च की ईएमआई से नई जिंदगी की शुरुआत करने से अच्छा यही है कि पहले से ही बेहतर प्लानिंग करके अनावश्यक खर्चों को यथासंभव कम कर लिया जाए। 

4. ऑनलाइन जोड़ियां (Online Cuple) : 30% युवा मेट्रिमोनियल सेवा के आसरे

शिक्षा, शहरीकरण, महिलाओं की बढ़ती आर्थिक स्वतंत्रता, सोशल मीडिया और बदलते सामाजिक दृष्टिकोण के कारण भारत में अब रिश्ते तय करना भी केवल बड़े-बुजुगों का काम नहीं रह गया है। सीमित संख्या में ही सही, मेट्रिमोनियल साइट्स की भूमिका बढ़ने सही, मेट्रिमोनियल साइट्स की भूमिका बढ़ने लगी है। स्टेटिस्टा की एक रिपोर्ट के अनुसार 25 से 35 वर्ष आयु वर्ग के शादी के इच्छुक 30% से अधिक भारतीय अब ऑनलाइन मेट्रिमोनियल सेवाओं पर सर्चिंग करने लगे हैं। इससे जाति के बंधन भी टूट रहे हैं और अंतरजातीय अरैंज्ड मेरेज का ट्रेंड भी बढ़ा है। मार्च 2025 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में अकेले Matrimony.com का राजस्व 481 करोड़ रुपए को पार गया। यह इस तरह के प्लेटफॉर्म के प्रति बढ़ते क्रेज को दिखाता है। 

5. वेडिंग प्लानिंग (Wedding Planning) : 11% शादियों का जिम्मा प्लानर्स के हवाले

अब तक भारत में शादी आयोजन के सारे प्रबंध घर के ही सदस्यों अथवा परिचितों द्वारा करने की परंपरा रही है या ज्यादा से ज्यादा कैटरिंग के लिए किसी कैटरर को कॉन्ट्रैक्ट दे दिया जाता है। लेकिन अब विभिन्न मार्केट एजेंसियों की रिपोर्ट्स के अनुसार शहरी क्षेत्रों में वेडिंग प्लानर्स की सेवाएं लेने का ट्रेंड धीरे- धीरे बढ़ता जा रहा है, खासकर डेस्टिनेशन वेडिंग्स में। वेडमीगुड के सर्वे के अनुसार 2024 में करीब 27 फीसदी डेस्टिनेशन वेडिंग में वेडिंग प्लानर्स की मदद ली गई। स्थानीय शादियों में भी वेडिंग प्लानर्स की सेवाएं ली जाने लगी हैं। अब करीब 11 फीसदी स्थानीय शादियां वेडिंग प्लानर्स के जरिए की जाने लगी हैं, जो इस उद्योग के तेजी से लोकप्रिय व संगठित होने का संकेत भी है।

मिसाल ऐसी भी… स्टार ने बड़ी सादगी से रचाई शादी

भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर और ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) का विवाह सादगी की एक मिसाल बन गया। उन्होंने इसी साल 16 जनवरी 2025 को टेनिस प्लेयर हिमानी मोर (Himani Mor) से शादी की थी। इसमें केवल लगभग 40 लोग शामिल हुए थे, जिसमें दोनों परिवार के बेहद करीबी सदस्य और कुछ खास मित्र ही शामिल थे। नीरज ने शगुन के तौर पर केवल 1 रुपया स्वीकार किया था। इस विवाह को इतना गोपनीय रखा गया था कि मीडिया और फैंस को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब नीरज ने सोशल मीडिया पर अपनी शादी की फोटो साझा की, तब जाकर दुनिया को इसका पता चला।

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